मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015

ताज ही भारत का एक मात्र ताजमहल नहीं

आगरा का ताज ही भारत का एक मात्र ताजमहल नहीं है। मप्र की राजधानी भोपाल में भी एक ताज महल है। दोनों के बीच फर्क इतना है कि आगरा का ताज मुमताज की कब्र के लिए बनाया गया था, जबकि भोपाल का ताज महल पैलेस नवाब ने अपने निवास के लिए बनवाया। उसे मुगल बादशाह शाहजहां ने बनवाया था और इसे भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने बनवाया था। 1 नवंबर को मप्र का 59वां स्थापना दिवस है। अंग्रेजों के समय यहां नवाब हुकूमत करते थे।  इसे भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने बनवाया था।
हाथी के वजन से ज्यादा मेन गेट का वजन
इतिहासकार सैयद अख्तर हुसैन बताते हैं कि नवाब शाहजहां बेगम के जमाने में नागपुर और उत्तर से हमला होने का खतरा काफी रहता था। इस वजह से बेगम ने इस महल के गेट को इतना वजनी बनवाया कि हाथी की टक्कर से भी न टूट पाए। इस गेट के ऊपर लोहे की कीलें लगी हुई हैं। साथ ही, इसका वजन भी हाथी से ज्यादा है।
नजर न लगे इसलिए गेट पर लगाया कांच
ताज महल में तीन गेट थे। पूर्व की तरफ स्थित गेट से सुबह के समय बाहरी लोगों का आना जाना था। बाहरी लोगों से ताज महल की खूबसूरती को नजर न लग जाए इसलिए बेगम ने पूर्वी गेट के ऊपर एक बड़ा शीशा लगवा दिया था। सूर्य की रोशनी इस शीशे पर पड़ती थी और चकाचौंध की वजह से लोग ताज महल का दीदार नहीं करवा पाते थे। इस तरह से उन्होंने इसे नजर लगने से बचाया था। 120 कमरों वाले इस महल के बनने की खुशी में 3 साल तक जश्न चला था।
लगभग 30 लाख रुपए आया खर्च
1870 में भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने अपने निवास के लिए यह ताज महल पैलेस बनवाना शुरू किया। 13 साल में 17 एकड़ में फैला यह महल बनकर तैयार हुआ था। इसे बनवाने में लगभग 30 लाख रुपए का खर्च आया था।
सरकार बनाएगी हेरिटेज होटल
नवाबी खानदान की विरासत समेटे इस महल को अब सरकार नया रंग-रूप देखने जा रही हैं। करीब 120 करोड़ रुपए की लागत से इस महल को अब हेरिटेज होटल बनाया जाएगा।

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