चाय बेचने वाला एक शख्स पिछले 14 सालों से स्कूल चला रहा है। स्कूल में करीब 70 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल चलाने के लिए यह शख्स अपनी आय का आधा से अधिक हिस्सा खर्च कर देता है।
स्थानीय लोगों के बीच खास पहचान बना चुके इस शख्स का नाम डी प्रकाश है। प्रकाश के स्कूल में बच्चे नर्सरी से तीसरे क्लास तक पढ़ाई करते हैं। इसके बाद वे किसी सरकारी स्कूलों में चले जाते हैं।
ताकि मिल सके बच्चों को शिक्षा
प्रकाश ने बताया कि वे सात साल की उम्र से चाय बेचते हैं। उनके फैमिली के पास स्कूल की फीस के लिए पैसे नहीं थे। उन्होंने बचपन में ही तय कर लिया था कि ऐसे बच्चों के लिए स्कूल खोलना है जो पैसे की कमी के चलते स्कूल नहीं जा पाते।
बच्चों में कुपोषण देख हुए प्रेरित
डी प्रकाश ने बताया कि वैसे तो उनका सपना बचपन से ही गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलने का था। लेकिन जब उन्होंने अपने पास के स्कूल के बच्चों में कुपोषण देखी तो स्कूल खोलने का फैसला कर लिया।
मीड डे मिल में देते हैं दूध बिस्किट
प्रकाश ने बताया कि बच्चों को मीड डे मील के तहत 100 एमएल दूध और बिस्किट दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि वह साल 1976 के बाद से ब्लड भी डोनेट करते हैं
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