गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

ये है फ्री बेसिक्स सर्विस, FACEBOOK आपको कभी नहीं बताएगा 5 बातें

ये है फ्री बेसिक्स सर्विस, FACEBOOK आपको कभी नहीं बताएगा 5 बातें
गैजेट डेस्क। इन दिनों फेसबुक की फ्री बेसिक्स सर्विस को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। फेसबुक का दावा है कि इससे भारत में इंटरनेट एक्सेस को बढ़ाने में मदद मिलेगी। लेकिन क्या सच यही है? हम बता रहे हैं फ्री बेसिक्स से जुड़े ऐसे 5 फैक्ट्स जो फेसबुक आपको कभी नहीं बताएगा :
1. फ्री बेसिक्स से महंगा होगा इंटरनेट
फेसबुक का दावा है कि फ्री बेसिक सर्विस से इंटरनेट फ्री होगा। लेकिन यह सच नहीं है। इस सर्विस के लिए पैसे टेलिकॉम ऑपरेटर देंगे। लेकिन ये ऑपरेटर पैसे कहां से लाएंगे? टेलिकॉम ऑपरेटर्स को पैसा यूजर्स से ही मिलता है। तो आशंका यही कि टेलिकॉम ऑपरेटर दूसरी इंटरनेट सर्विसेज के दाम बढ़ाकर इसकी भरपाई करेंगे। यानी घाटे में कंज्यूमर्स ही रहेंगे।
2. केवल फेसबुक और उसके पाटर्नर्स को मिलेगा फायदा
दावे के विपरीत फ्री बेसिक्स से अधिक से अधिक लोग इंटरनेट से नहीं जुड़ेंगे। इसका मकसद केवल फेसबुक और उसके पाटर्नर्स तक फ्री एक्सेस पहुंचाना है। इससे फेसबुक और उसके पार्टनर्स को काम्पिटिटिव एज मिलेगा। यह सीधे-सीधे नेट न्यूट्रैलिटी का वायलेशन होगा।
3. फेसबुक का हो जाएगा राज
फ्री बेसिक्स ओपन प्लेटफार्म नहीं है। फ्री बेसिक्स की गाइडलाइन केवल फेसबुक ने डिफाइन की है और इसे कभी भी बदलने का अधिकार भी केवल उसके पास है। यानी इंटरनेट एक्सेस के प्लेटफार्म पर धीरे-धीरे फेसबुक का ही राज हो जाएगा।
4. फ्री बेसिक्स अकेली सर्विस नहीं
अगर मकसद केवल फ्री इंटरनेट सर्विस ही देना है तो फिर दूसरे भी कई ऐसे मॉडल्स हैं जो सफल रहे हैं। इसमें यूजर्स को कुछ विज्ञापन देखने के बदले फ्री इंटरनेट एक्सेस मिलती है। इस मॉडल से फेसबुक और उसके पाटर्नर्स को गैर जरूरी फायदा भी नहीं मिलेगा और नेट न्यूट्रैलिटी का भी वायोलेशन नहीं होगा।
5. अपने आप बढ़ रहे हैं नेट यूजर्स
फेसबुक का यह दावा भी गलत है कि इससे अधिक से अधिक लोग इंटरनेट से जुड़ सकेंगे। भारत में इंटरनेट एक्सेस में पहले से ही काफी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अकेले 2015 में ही देश में दस करोड़ नए इंटरनेट यूजर्स बढ़े हैं। ये सभी नए यूजर्स फ्री बेसिक्स सर्विस की वजह से नहीं जुड़े हैं।
क्या है फ्री बेसिक्स
फेसबुक के साथ रिलायंस कम्युनिकेशंस एक एप्लीकेशन के जरिए फ्री बेसिक्स इंटरनेट सर्विस दे रही थी। इस सर्विस को रिलायंस ने इसी साल अक्टूबर में लॉन्च किया था। लेकिन ट्राई के आदेश के बाद फिलहाल रिलायंस ने इसे होल्ड पर रख दिया है।
बता दें कि फेसबुक ने पहले इस सर्विस को इंटरनेट डॉट ओआरजी के नाम से लॉन्च किया था। लेकिन कई एक्सपर्ट्स ने इसे नेट न्यूट्रैलिटी के खिलाफ बताया था। विरोध के बाद फेसबुक ने इसे Free Basics इंटरनेट के नाम से रिब्रांड किया।

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