of 5
पिछले कई वर्षों से सिर्फ प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे मुंबई के अरुण जोगदेव प्राकृतिक चिकित्सा और हेल्दी व बैलेंस्ड डाइट विषय पर आयोजित एक वर्कशॉप में भाग लेने इंदौर आए। अरुण जोगदेव पेशे से इंजीनियर हैं, एलएलबी भी कर चुके हैं और सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट भी हैं, लेकिन अब वे केवल चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
इंदौर में आयोजित वर्कशॉप में उन्होंने पेट, लिवर, आंखों, हडि्डयों और ब्रेन का ख्याल रखने के बारे में बताया। आहार कैसा हो, क्या हो और कैसे बिना एलोपैथिक दवाओं के कई समस्याओं को खत्म किया जा सकता है यह भी बताया। उन्होंने बताया कि कैसे खानपान की मदद से हम खुद को फिट रख सकते हैं।
भोजन में ये गुण ज़रूरी
1. नॉन पॉइज़नस (कॉस्टिक सोडा और अन्य कैमिकल्स न हों)
2. पौष्टिक हो।
3. स्वादिष्ट हो। अन्न के लिए रुचि बढ़ाए, ऐसी चीज़ें डाइट में शामिल करें।
4. क्यूरेटिव यानी उपचारक व औषधीय हो।
5. विटामिन्स एंन्ज़ाइम्स और नेचरल स्टीरॉइड्स हों।
1. नॉन पॉइज़नस (कॉस्टिक सोडा और अन्य कैमिकल्स न हों)
2. पौष्टिक हो।
3. स्वादिष्ट हो। अन्न के लिए रुचि बढ़ाए, ऐसी चीज़ें डाइट में शामिल करें।
4. क्यूरेटिव यानी उपचारक व औषधीय हो।
5. विटामिन्स एंन्ज़ाइम्स और नेचरल स्टीरॉइड्स हों।
दिन की 3 मील्स कैसी हों?
1. ब्रेकफस्ट
- ब्रेड, बटर, जैम जैसी चीजें खाने से कोई तुक नहीं है। इससे तो घर के घी से बने पराठे अच्छे हैं।
- ब्रेकफस्ट ऐसी चीज़ों का हो जिनकी न्यूट्रीशनल वैल्यू हाई हो।
- यीस्ट के रिएक्शन से बनी चीज़ें भी अच्छी रहेंगी। जैसे इडली, ढोकला, डोसा।
- ब्रेकफस्ट में स्टफ्ड पराठा खाएं। सब्ज़ियों की फिलिंग करें।
1. ब्रेकफस्ट
- ब्रेड, बटर, जैम जैसी चीजें खाने से कोई तुक नहीं है। इससे तो घर के घी से बने पराठे अच्छे हैं।
- ब्रेकफस्ट ऐसी चीज़ों का हो जिनकी न्यूट्रीशनल वैल्यू हाई हो।
- यीस्ट के रिएक्शन से बनी चीज़ें भी अच्छी रहेंगी। जैसे इडली, ढोकला, डोसा।
- ब्रेकफस्ट में स्टफ्ड पराठा खाएं। सब्ज़ियों की फिलिंग करें।
2. लंच में लें थ्री कोर्स मील
- फर्स्ट कोर्स: 200 एमएल सूप पिएं। टमाटर का हो तो बेहतर, क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल घटाता है। इससे एन्ज़ाइम्स एक्टिवेट होंगे और इज़ेंशियल मिनरल्स मिलेंगे।
- सेकंड कोर्स: एक कटोरी कच्ची ककड़ी, चुकंदर, अंकुरित दाने या मूली खाएं। इस पर नमक या चाट मसाला कुछ भी नहीं डालना है।
- थर्ड कोर्स: अब रोटी या पराठे हरी सब्ज़ी के साथ खाएं। एक कटोरी दाल लें। राइस के बजाय पुलाव बनाएं, जिसमें ढेर सारी सब्ज़ियां हों।
- चटनी सबसे ज़रूरी है। टमाटर की चटनी बनाएं। टमाटर कोलेस्ट्रॉल घटाएगा। बेर की भी चटनी बना सकते हैं। रायता भी अच्छा विकल्प है।
- फर्स्ट कोर्स: 200 एमएल सूप पिएं। टमाटर का हो तो बेहतर, क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल घटाता है। इससे एन्ज़ाइम्स एक्टिवेट होंगे और इज़ेंशियल मिनरल्स मिलेंगे।
- सेकंड कोर्स: एक कटोरी कच्ची ककड़ी, चुकंदर, अंकुरित दाने या मूली खाएं। इस पर नमक या चाट मसाला कुछ भी नहीं डालना है।
- थर्ड कोर्स: अब रोटी या पराठे हरी सब्ज़ी के साथ खाएं। एक कटोरी दाल लें। राइस के बजाय पुलाव बनाएं, जिसमें ढेर सारी सब्ज़ियां हों।
- चटनी सबसे ज़रूरी है। टमाटर की चटनी बनाएं। टमाटर कोलेस्ट्रॉल घटाएगा। बेर की भी चटनी बना सकते हैं। रायता भी अच्छा विकल्प है।
3. डिनर
- सूप इसमें भी लें। हो सके तो ताज़ा सैलेड लें।
- डिनर में लाइट खाएं।
- गरिष्ठ खाना सोने से पहले खाएंगे तो एसिडिटी होगी।
- सूप इसमें भी लें। हो सके तो ताज़ा सैलेड लें।
- डिनर में लाइट खाएं।
- गरिष्ठ खाना सोने से पहले खाएंगे तो एसिडिटी होगी।
चाय से हो सकती हैं कई बीमारियां
- चाय पीने से हम जितना बचेंगे उतना ही हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होगा।
- चाय या कॉफी एसिडिटी बढ़ाती है और खून में एसिडिटी बढ़ने से कई बीमारियां होती हैं।
- चाय पीने से हम जितना बचेंगे उतना ही हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होगा।
- चाय या कॉफी एसिडिटी बढ़ाती है और खून में एसिडिटी बढ़ने से कई बीमारियां होती हैं।
-चाय पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण की प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है।
- रात में चाय पीने से नींद उड़ जाती है। नींद पूरी नहीं होने से थकान के साथ ही कई अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं।
गाजर के पत्तों का रस
- विटामिन के लिए गाजर ही नहीं गाजर के पत्ते खाएं। गाजर से ज्यादा उसके पत्तों में विटामिन ए होता है।
- एक डिसीज़ होती है स्टीवन जॉन्सन नाम की। इसमें विज़न कम होते होते खत्म हो जाता है। आंखों में से मवाद भी निकलने लगता है। ऐसी एक महिला मेरे पास भी आई थी। उसका विज़न 20 परसेंट ही बचा था।
- मैंने गाजर के पत्ते बुलवाए। उसे दिन में तीन बार गाजर के पत्तों का ज्यूस पीने को कहा।
- उसका विज़न 60 परसेंट लौट गया।
- मूली के पत्ते, चुकंदर के पत्ते सभी में विटामिन हैं। इनके ज्यूसेस लेने हैं हमें और चाय काफी बंद करके इन्हें पिएं।
- विटामिन के लिए गाजर ही नहीं गाजर के पत्ते खाएं। गाजर से ज्यादा उसके पत्तों में विटामिन ए होता है।
- एक डिसीज़ होती है स्टीवन जॉन्सन नाम की। इसमें विज़न कम होते होते खत्म हो जाता है। आंखों में से मवाद भी निकलने लगता है। ऐसी एक महिला मेरे पास भी आई थी। उसका विज़न 20 परसेंट ही बचा था।
- मैंने गाजर के पत्ते बुलवाए। उसे दिन में तीन बार गाजर के पत्तों का ज्यूस पीने को कहा।
- उसका विज़न 60 परसेंट लौट गया।
- मूली के पत्ते, चुकंदर के पत्ते सभी में विटामिन हैं। इनके ज्यूसेस लेने हैं हमें और चाय काफी बंद करके इन्हें पिएं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें